2-18 वर्ष के बच्चो पर ‘कोवैक्सीन’ का परीक्षण रोकने के अनुरोध वाली याचिका पर केन्द्र को अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।

new delhi – 19 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘भारत बायोटेक’ को कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवैक्सीन’ के दो से 18 वर्ष के बच्चों पर परीक्षण के लिए दी गई अनुमति रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका पर बुधवार को केन्द्र को अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। मुख्य न्यायधीश डीएन पटेल वह न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने केंद्र और भारत बायोटेक को जारी नोटिस पर 15 जुलाई तक उन्हें उस पर अपना रुख देने को कहा |

याचिका संजीव कुमार की और से दायर की गई थी |

अदालत ने हालांकि कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवैक्सीन’ के दो से 18 वर्ष के बच्चों पर ‘clinical trial’ के लिए 12 मई को दी गई अनुमति पर कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।
‘clinical trial ‘ 525 स्वस्थ स्वयंसेवकों पर किया जाएगा। इन्हें भी टीके 28 दिन के अंतर में दो खुराक में लगाए जाएंगे।
‘कोवैक्सीन’ का विकास हैदराबाद आधारित भारत बायोटेक और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR ) ने किया है। यह उन दो टीकों में शामिल है, जिन्हें भारत में अभी व्यस्कों को लगाया जा रहा है।

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