भारत में त्योहारों के महत्व जानकर आप हैरान हो जाओगे

भारत में त्योहारों के महत्व जानकर आप हैरान हो जाओगे

भारत में त्योहारों के महत्व जानकर आप हैरान हो जाओगे
भारत में त्योहारों के महत्व जानकर आप हैरान हो जाओगे | Credit: Wikimedia

हमारे देश भारत में बहुत सारे त्यौहार मनाए जाते हैं सभी त्यौहार का अपना अलग महत्व होता है| भारत के प्रमुख त्योहारों में दीपावली होली की ईद दशहरा जैसे त्यौहार शामिल है| भारत में जब त्यौहार का समय आता है तब पूरे देश में खुशहाली का माहौल बन जाता है और लोग त्योहार की तैयारियों के लिए लग जाते हैं| त्योहारों का अपना अलग ही महत्व होता है इसके पीछे अपना एक अलग इतिहास होता है और उसी के आधार पर त्यौहार मनाया जाता है|

जिस दिन त्यौहार होता है उस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं और कुछ अलग तरीके का पकवान बनाते हैं और लोगों को बांटते हैं और खुद बढ़िया-बढ़िया भोजन खाते हैं| कुछ जगह पर लोग नए नए संगीत बजाते हैं और त्योहारों का मनोरंजन करते हैं क्योंकि इस दिन छुट्टी भी होती है तो सभी लोग घर पर रहकर ही त्योहारों को मनाते हैं और उसका आनंद लेते हैं| यदि आप भी त्यौहार के बारे में जानना चाहते हो तो बने रहिए हमारे साथ| हम आज आपको त्यौहार से जुड़े हुए उन चीजों के बारे में बताएंगे जो आपको सुनने में अच्छी लगेंगी और आप उनके बारे में और पढ़ना चाहोगे|

दीपों का त्योहार दीपावली भारत में मनाया जाता है

भारत में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होगा जो दीपावली के त्यौहार के दिन खुश ना हो क्योंकि इस दिन सभी लोगों बम पटाखे फोड़ते हैं| सभी लोग अपने घर को साफ सुथरा करके माता लक्ष्मी जी और भगवान गणेश जी की पूजा जरूर करते हैं| इस दिन लोग घर में धन आने के लिए खुशियां मनाते हैं और इस दिन लोग मिठाई खाते हैं और दूसरों के घर पहुंच आते भी हैं| यह त्यौहार इसलिए भी बहुत अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दिन लोग शुभ दिन मानते हैं और इस दिन इतिहास में भगवान श्री रामचंद्र जी ने अयोध्या में वापस कदम रखा था|

पुराणों के हिसाब से जो भगवान श्री रामचंद्र वापस अयोध्या लौटे थे तो उन्होंने इसी दिन अयोध्या में कदम रखा था और भगवान श्री रामचंद्र ने अयोध्या में कदम रखा था जिस दिन उस दिन अमावस का दिन था| जब अयोध्या की प्रजा श्री रामचंद्र के वापस 14 वर्ष के वनवास के बाद लौटने पर देखा कि उस दिन चारों तरफ अंधेरा है तो लोगों ने अपने घरों में और पूरे इलाके में दीप जलाएं| ताकि सभी तरफ उजाला कर सकें सभी तक रोशनी से प्रकाशमान कर सकें| श्री रामचंद्र के वापस अयोध्या लौटते ही सभी लोगों ने उस दिन को बड़े ही खुद से साथ मनाय|| तरसे यह त्यौहार हर साल मनाया जाने लगा लोगों का इसके पीछे अलग-अलग मान्यता है इसके बारे में आप विस्तार से पढ़ सकते हैं|

रंगों का त्योहार होली भारत में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है|

आपने देखा होगा रंगों का त्योहार होली भारत में बहुत ही ज्यादा धूमधाम से मनाया जाता है इस दिन लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं और गले मिलते हैं| ऐसा कहा जाता है इस दिन सभी लोग अपने दुश्मनों को भूल कर अपने सभी गलत कामों को भूल कर एक दूसरे के साथ प्रेम भाव से गले मिलते हैं और अपने सभी पुराने झगड़ों को समाप्त कर देते हैं| इस त्यौहार के पीछे भी कई सारी कहानियां मान्यता में है इसके बारे में हमको बताएंगे| फिलहाल आप जानिए कि होली के दिन सभी लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं और गले मिलते हैं|

होली के दिन सबसे महत्वपूर्ण पकवान में गुजिया शामिल है

इस दिन सभी लोग गुजिया एक दूसरे को खिलाते हैं| पुराणों के हिसाब से होली का त्यौहार होलिका के दहन की वजह से बना था| पुराने समय में प्रहलाद नाम का एक बच्चा भगवान विष्णु का भक्त था और वह हमेशा ही भगवान विष्णु की पूजा और आराधना में रहा करता था| लेकिन प्रह्लाद के पिता हिरण कश्यप को यह बात पसंद ना थी वह हमेशा विष्णु भगवान से बेड रखते थे जिसकी वजह से| उन्होंने प्रह्लाद को मारने की काफी प्रयास किए| लेकिन वह किसी भी प्रयास में सफल ना हो सके तो अंत में हिरण कश्यप की बहन होलिका ने अपने भाई को कहा कि मुझे एक चादर मिला है जिसकी वजह से मैं आग में नहीं जलती|

हिरण्यकश्यप की बहन होलिका ने अपनी गोदी में प्रहलाद को बिठाकर चिता पर बैठकर| जब उस लकड़ी पर आग लगाई गई तो उसके ऊपर पूरा हुआ चद्दर उसके शरीर से हटकर पहलाद के ऊपर आ गया और होलिका दहन में ही जलकर राख हो गई| इसलिए कहा जाता है कि इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के नाम पर भी होली मनाई जाती है| कई जगह पर होली कई अलग-अलग तरीकों से मनाई जाती है कुछ लोग कहते हैं कि होली मनाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं| पहले के राजा महाराजा होली बनाने के लिए जिस रंग का प्रयोग करते थे वह प्रकृति के द्वारा उगाए गए फूल हुआ करते थे|

रक्षाबंधन भाई और बहनों के बीच प्यार का त्यौहार

रक्षाबंधन भारत में बड़े ही खुशी से मनाया जाता है| इस दिन बहन भाई को राखी बांधती है और बदले में यह सौगंध लेती है कि वह हमेशा उसकी रक्षा करेगा| और बदले में भाई यह वादा करता है कि वह अपनी बहन की हमेशा हर मुश्किल में सहायता करेगा| और इस प्रकार रक्षाबंधन मनाया जाता है इसके पीछे भी पुराणों में कई सारी कहानियां मान्यता में है| पुराणों के हिसाब से एक समय एक रानी रहा करती थी|

उस गाने का किसी पड़ोसी देश के राजा से झगड़ा हो गया जिसकी वजह से रानी उस राजा से युद्ध के लिए उतावली हो गई| लेकिन जब रानी ने देखा कि उसके पास सैनिक तो है| ही नहीं और जो पड़ोसी देश का राजा है वह तो बड़ा ही शक्तिशाली है इसलिए उसने किसी अन्य देश के राजा के पास जाकर उसको राखी बांधी और बदले में उससे अपनी रक्षा के लिए कहा| राजा ने उस रानी के लिए भाई होने का फर्ज निभाया और उसका पूरी हिम्मत के साथ साथ दिया| जिसकी वजह से वह जीत गई| और इस प्रकार हर साल रक्षाबंधन मनाया जाता है|

Conclusion

आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि भारत में कई सारे त्यौहार मनाए जाते हैं हर त्योहारों का अपना एक अलग महत्व होता है सभी त्यौहार इसलिए बनाए जाते हैं ताकि इतिहास को हम पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों तक पहुंचा सके| त्यौहार हमें काफी सारे सीख देते हैं लेकिन हम त्योहारों से सीखते नहीं हैं यह हमारे इतिहास की देन है कि हम अभी भी त्यौहार मना रहे हैं| लेकिन हम त्यौहार मना रहे हैं मनोरंजन कर रहे हैं लेकिन त्योहारों के जो महत्व होते हैं उसको हम बिल्कुल भी महत्व नहीं दे रहे हैं| हम अपने त्योहारों के महत्व को भूलते जा रहे हैं|

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